देहरादून: हाई कोर्ट के आदेश पर चिह्नित अतिक्रमण को हटाने पर जहां प्रशासन की कार्रवाई सुस्त पड़ गई है। वहीं स्वयं अतिक्रमण हटाने का वादा भी लोग भूल गए हैं। इसके उलट शहर के कई इलाकों में लाल निशान मिटाने का काम भी शुरू हो गया है। इससे स्वयं अतिक्रमण हटा चुके लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी हैं। इधर, हाईकोर्ट के आदेश के 50 दिन के भीतर शहर में 50 फीसद तक ही अतिक्रमण हटा है।
हाईकोर्ट के आदेश पर 27 जून को प्रशासन ने शहर को चार जोन में बांटते हुए सड़क, नाली, फुटपाथ और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की थी। 16 अगस्त को अभियान को पूरे 50 दिन हो गए हैं।
इस दौरान चकराता रोड, रायपुर रोड, सहस्रधारा रोड, हरिद्वार रोड, ईसी रोड और कुछ हिस्से में सहारनपुर रोड में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चली। शहर के सबसे ज्यादा अतिक्रमण से अटे पड़े राजपुर रोड, प्रेमनगर बाजार, पलटन बाजार, ङ्क्षरग रोड समेत कई लिंक सड़कों पर अतिक्रमण पर लाल निशान तो लगाए गए। मगर, यहां ध्वस्तीकरण की कार्रवाई 20 जुलाई के बाद से ठप है।
स्थिति यह है कि इन जगहों पर लोगों ने अतिक्रमण से लाल निशान मिटाने शुरू कर दिए हैं। ईसी रोड पर सबसे ज्यादा खराब स्थिति बनी हुई है। हरिद्वार रोड, नेशविला रोड, कालीदास रोड, हाथीबड़कला रोड पर भी अतिक्रमण खड़े हैं।
बकरीद के बाद तेजी पकड़ेगा अतिक्रमण अभियान
अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि कांवड़ ड्यूटी के बाद फोर्स वापस लौट आई है। लेकिन, बारिश और दूसरे कारणों के चलते कार्रवाई कुछ धीमी रही। अब 22 अगस्त को बकरीद है। ऐसे में फोर्स सुरक्षा और व्यवस्था में रहेगी। इससे पहले भी कुछ जगह अभियान चलाया जाएगा। ईद के बाद तेजी से चारों जोन में अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाएगी।
बंजारावाला में पांच मीटर तक खुल गई सड़क
कारगी चौक से बंजारावाला को जाने वाली सड़क पर करीब पांच मीटर तक अतिक्रमण चिह्नित किया गया। यहां अभी जेसीबी की कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। लेकिन, लाल निशान लगते ही व्यापारियों ने स्वयं अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है। यहां कारगी चौक से बंजारावाला, वृंदा गार्डन के बीच दोनों ओर बड़ी संख्या में होटल, दुकानें और घर अतिक्रमण की जद में आए हैं। कई घरों को लोगों ने स्वयं तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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