देहरादून: उत्तराखंड में मौसम आम जन जीवन पर भारी पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से सोमवार तक मौसम के लिहाज से संवेदनशील समय है। इस दौरान देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत और पिथौरागढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। राज्य मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार इस दौरान यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। वहीं, भूस्खलन के चलते प्रदेश में 90 मार्ग बंद हैं। मार्गों पर मलबा आने का सिलसिला जारी है। देहरादून जिले में चकराता-कालसी मार्ग भी मलबा आने के कारण करीब नौ घंटे बाधित रहा। हालांकि केदारनाथ और बदरीनाथ हाईवे पर यातायात सुचारु रहा। जबकि यमुनोत्री मार्ग दो स्थानों पर अब भी बंद है।
दून में इस महीने हो सकती सर्वाधिक बारिश
दून एवं आसपास के क्षेत्रों में अगस्त के शुरुआती दस दिनों में ही 526 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है। जबकि वर्ष 2016 के पूरे अगस्त महीने में 412.9 मिलीमीटर ही बारिश हुई थी। जबकि वर्ष 2017 में यह आंकड़ा 543.5 मिलीमीटर पर थम गया था।
मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले तीन दिन 11 से 13 अगस्त के बीच देहरादून में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जिससे इस बात की संभावना बढ़ गई है कि पिछले पांच सालों के बाद देहरादून में अगस्त महीने में इस बार सर्वाधिक बारिश हो सकती है। वर्ष 2008 से 2018 के बीच दस सालों में केवल वर्ष 2012 के अगस्त महीने में सर्वाधिक 1025.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक आने वाले तीन दिनों में देहरादून एवं आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। जिसे देखते हुए चेतावनी जारी की गई है।
दून के कई इलाकों में हुई बारिश
शहर एवं उसके आसपास के कुछ क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई। जबकि रात आठ बजे के बाद तेज बारिश के एक से दो दौर हुए। शुक्रवार रात दस बजे तक दून में 30.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सुबह के समय प्रेमनगर, आइएसबीटी, ट्रांसपोर्टनगर, कारगी चौक, हरिद्वार बाईपास, धर्मपुर आदि क्षेत्रों में बारिश हुई। इसके बाद दिनभर आसमान में बादल छाये रहे और बारिश की संभावना बनी रही। जिसके चलते लोगों को उमस ने भी परेशान किया, हालांकि रात आठ बजे के बाद शहर के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश हुई। जिससे तापमान तो गिरा, लेकिन शहर की सड़कें जलमग्ल हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ। तेज बारिश के चलते दृश्यता भी बेहद कम हो गई। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 29.4 व न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 23.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
बारिश से जस्सोवाला में पांच व जीवनगढ़ में एक कच्चा मकान ध्वस्त
पछवादून में बारिश कहर बरपा रही है। शुक्रवार देर शाम को हुई मूसलाधार बारिश से जस्सोवाला में पांच व जीवनगढ़ में एक कच्चा मकान ध्वस्त हो गया। प्रभावित परिवारों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। लेकिन मकान के अंदर रखा पूरा सामान बर्बाद हो गया। जीवनगढ़ में बारिश से मकान गिरने की यह चौथी घटना है। जबकि जस्सोवाला में कुछ दिन पूर्व हुई बारिश से कच्चे मकान धवस्त हुए थे। प्रभावित परिवारों ने तहसील प्रशासन से उचित सहायता दिलाने की मांग की है। साथ ही एसडीएम ने नुकसान का जायजा लेने को लेखपाल को मौका मुआयना करने के निर्देश दिए।
लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बनी हुई है। खासकर कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार बारिश के चलते रात जागकर काटने को मजबूर हैं। बारिश शुरू होते ही लोग घरों से बाहर निकल जाते हैं। जुलाई से अब तक जीवनगढ़ पंचायत में ही तीन मकान ध्वस्त हो गए थे। शुक्रवार को देर शाम हुई बारिश भी कच्चे मकानों में रहने वालों पर कहर बनकर बरसी। जस्सोवाला में शहबाज, शमीम, नसीम, इसरार व नवाब के कच्चे मकान भरभरा कर गिर गए। परिवार के सदस्यों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई। जबकि जीवनगढ पंचायत वार्ड सात निवासी हुमैरा का कच्चा मकान बारिश के चलते ध्वस्त हो गया। दैनिक मजदूरी कर भरण-पोषण करने वाले ये परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
इसलिए ये नया घर बनाने की स्थिति में नहीं है। लिहाजा प्रभावित परिवारों ने तहसील प्रशासन से जीवन गुजर-बसर करने को ठौर मुहैया कराने की गुहार लगाई है। उधर उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार के अनुसार क्षेत्रीय लेखपाल को क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने पर प्रभावित परिवार को उचित सहायता मुहैया कराई जाएगी।
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