www.youngorganiser.com Jammu (Tawi) 180001 (J&K Union Territory) Updated, 29th Jun. 2021, Tue. 4: 07 PM (IST) : टीम डिजिटल: Siddharth श्रीनगर : कश्मीर में दो सिख लड़कियों के अपहरण, जबरिया धर्मांतरण और निकाह मामले में राहत भरी खबर आई है। मामले में एक लड़की मनमीत कौर की घर वापसी हो गई है। लौटने के बाद उसकी सिख युवक से धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शादी कराई गई। शादी के बाद मनमीत अपने पति और परिवार के लोगों के साथ आज शाम दिल्ली पहुंची। शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट कर बताया कि मनमीत कौर अब अपने परिवार के पास वापस आ गई है। वो आज शाम तक दिल्ली आ रही हैं। 18 साल की लड़की का निकाह 62 साल के अधेड़ से, सिख समुदाय में गुस्सा : पहली घटना श्रीनगर के रैनावाडी की थी, जहां 18 साल की एक सिख लड़की का निकाह 62 साल के एक अधेड़ के साथ कर दी गई। यह बुजुर्ग पहले से ही शादी शुदा था और उसके कई बच्चे थे। लड़की के परिवार वालों का कहना है कि उसका बंदूक की नोक पर अपहरण किया गया। स्थानीय पुलिस ने आश्वासन दिया कि लड़की को 36 घंटे में परिवार को सौंप दिया जाएगा, लेकिन श्रीनगर के स्थानीय अदालत ने शादी को वैध करार दिया और लड़की को 62 वर्ष के बुजुर्ग के साथ जाने की इजाजत दे दी। दूसरी घटना श्रीनगर के महजूर नगर की थी, जहां एक और लड़की की जबरिया शादी करा दी गई। लड़की का कोई अता-पता नहीं है। वापसी के बाद भी धर्मांतरण बड़ी समस्या , कश्मीर में सिख समुदाय की दो लड़कियों के जबरन धर्मांतरण के मामले में सिख समुदाय लगातार प्रदर्शन कर रहा था। इसे लेकर सिख समुदाय के लोगों ने दिल्ली से लेकर श्रीनगर तक विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि मनमीत का जबरन धर्मांतरण कराकर एक अधेड़ से उसका निकाह करा दिया गया था। अब लड़की की वापसी तो हो गई है लेकिन इसका धर्मांतरण अभी भी एक समस्या बना हुआ है। बड़गाम के गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष संतपाल सिंह ने बताया कि एक 18 साल की सिख लड़की को लालच देकर उसे फंसाया गया और फिर उसका धर्म परिवर्तन किया गया। उस लड़की की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। उन्होंने कहा कि ये साफ तौर से ‘लव जिहाद’ का मामला है और सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। रविवार सुबह शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा श्रीनगर पहुंचे। सिरसा ने बताया कि श्रीनगर में पिछले एक महीने के दौरान चार सिख लड़कियों का जबरन धर्मांतरण किया गया है। सिख भाईचारे को प्रशासन की तरफ से भरोसा दिया गया है कि जिन लड़कियों का धर्मांतरण करवाया गया है उन्हें परिवारों को वापस लौटाया जाएगा , सिखों ने कश्मीर में 2 लड़कियों के धर्म परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की : उत्तर प्रदेश की राजधानी में सिख संगठनों ने जम्मू-कश्मीर में दो सिख लड़कियों के कथित धर्म परिवर्तन की निंदा की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एलजीपीसी) ने सोमवार शाम एक आपात बैठक की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने और इस तरह के जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाने का अनुरोध किया। अखिल भारतीय सिख प्रतिनिधि मंडल (एआईएसपीएम) ने भी इस घटना की निंदा की और प्रधानमंत्री, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग की। दोनों संगठनों ने कहा कि घटना को लेकर सिख समुदाय में गुस्सा है। एलजीपीसी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करेगा और इस सिलसिले में उन्हें एक ज्ञापन सौंपेगा। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने कहा, “हम प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं कि शोषण, प्रोत्साहन या धोखाधड़ी के आधार पर लोगों को धर्मांतरण से बचाने के लिए एक कानून बनाएं। उन्होंने कहा, “जिम्मेदार पाए जाने वालों को इस तरह से दंडित किया जाना चाहिए जो दूसरों के लिए एक उदाहरण के रूप में कार्य करे। एआईएसपीएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी ने कहा कि अधिकारियों को सिख महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “पीड़ितों को न्याय दिया जाना चाहिए और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर सरकार कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो हम दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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