- मगर जरूर रखें ये ख्याल :
- इन परिस्थियों में पेट के बल सोने से बचें
- गर्भावस्था के दौरान
- वेनस थ्रोम्बोसिस( नसों में खून के बहाव को लेकर कोई समस्या)
- गंभीर हृदय रोग में
- स्पाइन, फीमर एवं पेल्विक फ्रैक्चर की स्थिति में
www.youngorganiser.com Jammu (Tawi) 180001 (J&K Union Territory) Updated, 28th Jun. 2021, Mon. 11: 47 PM (IST) : टीम डिजिटल: Siddharth शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण मरीज अपने सोने के पोजीशन में थोड़ा बदलाव कर ऑक्सीजन की कमी को दूर कर सकते हैं। इस महत्वपूर्ण बात की जानकारी एसीएमओ डॉक्टर प्रगति कुमार ने दी । उन्होंने बताया की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने इस संबंध में पोस्टर के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी है । यदि किसी कोरोना पाजिटिव को सांस लेने में दिक्कत हो रही हो एवं ऑक्सीजन लेवल 94 से घट गया हो तो ऐसे लोगों को पेट के बल सोने की सलाह दी गयी है । इसके लिए सबसे पहले वह पेट के बल लेटें, एक तकिया अपने गर्दन के नीचे रखें, एक या दो तकिया छाती के नीचे रख लें एवं दो तकिया पैर के टखने के नीचे रखें । इस तरह से 30 मिनट से दो घंटे तक सो सकते हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया है कि होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों की तापमान की जाँच, ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन के स्तर की जाँच, ब्लड प्रेसर एवं शुगर की नियमित जाँच होनी चाहिए । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए सोने की चार पोजीशन को महत्वपूर्ण बताया है, जिसमें 30 मिनट से दो घन्टे तक पेट के बल सोने, 30 मिनट से दो घन्टे तक बाएं करवट, 30 मिनट से दो घन्टे तक दाएं करवट एवं 30 मिनट से दो घन्टे तक दोनों पैर सीधाकर पीठ को किसी जगह टिकाकर बैठने की सलाह दी गयी है। यद्यपि, मंत्रालय ने प्रत्येक पोजीशन में 30 मिनट से अधिक समय तक नहीं रहने की भी सलाह दी है ।
- इन बातों का रखें ख्याल
- खाने के एक घन्टे तक पेट के बल सोने से परहेज करें
- पेट के बल जितना देर आसानी से सो सकतें हैं, उतना ही सोने का प्रयास करें
- तकिए को इस तरह रखें जिससे सोने में आसानी होHindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए YO APP डाउनलोड करें Or. www.youngorganiser.com। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
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