www.youngorganiser.com Jammu (Tawi) 180001 (J&K Union Territory) Updated, 21th Feb. 2021.Sun, 12:16 PM (IST) : Team Work: Kuldeep & Sandeep Agerwal फ्रांस: चीन की चुनौतियों से मुकाबले के लिएदक्षिण चीन सागर मेंअमेरिका के बाद अब फ्रांस भी ने भी कड़ा कदम उठाया है। फ्रांस ने इस विवादित जल श्रेत्र चीन को कड़ी टक्कर देने के लिए नई योजना बनाई हैं। उसने इस विवादित क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए दो युद्धपोत रवाना किए हैं। साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक फ्रांसीसी नौसेना ने कहा है कि उसने तीन माह के मिशन पर प्रशांत यात्रा के लिए पोर्ट टॉलन युद्धपोत को रवाना किया है। ये जहाज दो बार दक्षिण चीन सागर को पार करेंगे और मई में जापान-अमेरिका के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास में भाग लेंगे। अमेरिका अक्सर ही युद्धपोतों का बेड़ा दक्षिण चीन सागर में भेजता रहता है। लेकिन इस फ्रांसीसी नौसेना ने कहा कि युद्धपोत टोनरे और सर्कुफ रवाना हुए और तीन माह तक प्रशांत क्षेत्र के मिशन पर रहेंगे। टोनरे के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन आरनौद ट्रांसचैंट ने कहा कि फ्रांसीसी नौसेना अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग को मजबूत करेगी।उल्लेखनीय है कि फ्रांसीसी नौसेना 2015 और 2017 में भी इस तरह के मिशन अंजाम दे चुकी है। उसके युद्धपोत दक्षिण चीन सागर से होकर गुजरे थे। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा मिशन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में फ्रांस की मौजूदगी बढ़ने का संकेत है। फ्रांस ने पिछले हफ्ते दक्षिण चीन सागर में एक परमाणु पनडुब्बी तैनात की थी। उसने चीन की चुनौतियों से मुकाबले के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की अपील पर यह कदम उठाया था। चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर दावा करता है।
साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक फ्रांसीसी नौसेना ने कहा है कि उसने तीन माह के मिशन पर प्रशांत यात्रा के लिए पोर्ट टॉलन युद्धपोत को रवाना किया..?
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